65 समितियां करती है देवी की स्थापना
सूत्रों की आवाज/नवनीत बक्शी/पिपरिया आगामी नवदुर्गा उत्सव को लेकर शुक्रवार को हिंदू उत्सव समिति की पहली बैठक मंगलवारा धर्मशाला में हुई। मीटिंग में प्रमुख रूप से चल समारोह सहित अन्य कार्यक्रम को लेकर विचार विमर्श हुआ। खास तौर से विजयदशमी पर निकलने वाले चल समारोह पर लंबा मंथन हुआ। सभी सदस्यों की सहमति के साथ चल समारोह जल्दी निकालने का निर्णय किया गया। इस बार सभी नवदुर्गा समितियां को समय सीमा तय करके चल समारोह जल्दी निकालना होगा। इसके साथ ही हिंदू उत्सव समिति चल समारोह की झांकियों का अवलोकन मंगलवारा चौराहे की जगह प्रमुख मार्गों पर घूम घूम कर करेगी। जिससे नगर की आम जनता चल समारोह की झांकियों का प्रस्तुतीकरण देख सके। अभी तक नगर की आधी से ज्यादा जनता चल समारोह की झांकियां नहीं देख पाती थी। क्योंकि अधिकांश झांकियां देर रात को निकलती हैं। वही झांकियों का प्रस्तुतीकरण मंगलवारा चौराहे पर हिंदू उत्सव समिति के मंच के सामने होता था। लेकिन इस बार जनता की मांग के अनुसार चल समारोह को लेकर कई निर्णय लिए गए हैं। सदस्यों के सुझाव के बाद कुछ निर्णय आगामी बैठक में भी लिए जाएंगे।
बैठक में आए प्रमुख सुझाव
– चल समारोह की झांकियां जल्दी निकाली जाएगी।
– चल समारोह निकालने से पूर्व जानकारी देना होगा।
– चल समारोह में समितियां को निर्धारित समय में देना होगा प्रस्तुतीकरण।
– मंगलवारा चौराहे के मंच पर नहीं होगा झाकियों का अवलोकन।
– नवदुर्गा उत्सव समिति द्वारा पंडाल में सजाई जाने वाली झांकियां की पूर्व में देनी होगी जानकारी।
– नगर की अधिक से अधिक समितियों की सहभागिता बढ़ाई जाएगी।
– चल समारोह की रोचक झांकियां बड़ी नहीं होगी।
65 समितियां स्थापित करती हैं प्रतिमाएं
नगर में 65 से अधिक स्थानों पर प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। नवदुर्गा महोत्सव के दौरान सभी पंडालों में प्रतिदिन अलग-अलग विषय पर झांकियां सजाई जाती हैं। इसके अलावा विजयदशमी पर चल समारोह की झांकियां निकाली जाती है। हिंदू उत्सव समिति द्वारा इस दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।
प्रदेश में प्रसिद्ध है नवदुर्गा महोत्सव
पिपरिया नगर का नवदुर्गा महोत्सव प्रदेश भर में विख्यात है। नगर में नवदुर्गा महोत्सव के दौरान एक अलग ही माहौल देखने को मिलता है। शहर के आसपास ग्रामीण क्षेत्र के साथ प्रदेश भर के लोग नवदुर्गा महोत्सव को देखने के लिए आते हैं। इस दौरान समितियां द्वारा कई आकर्षक झांकियां सजाई जाती हैं। नवदुर्गा महोत्सव के दौरान कई धार्मिक आयोजन भी किए जाते हैं।
समिति सदस्यों ने रखे विचार
हिंदू उत्सव समिति की बैठक में कई सदस्यों ने अपने विचार रखें। जिसमें सदस्यों ने कहा कि झांकियों का क्रम रात 11:30 बजे शुरू होता है जिससे व्यवस्थाएं प्रभावित होती हैं। ग्रामीण अंचल से आए लोग और छोटे बच्चे देर रात तक समय नहीं दे पाते हैं। झांकी चल समारोह का समय परिवर्तित हो। दुर्गा समितियां जल्द अपनी तैयारी करे, ताकि उत्सव सभी देख सके। मीटिंग में हिंदू उत्सव समिति के किशोर डाबर, गिरधर मल ने बताया उत्सव के दौरान धार्मिक राष्ट्रीय सामाजिक झांकियां के लिए पुरस्कार रहेंगे। अखाड़े को भी पुरस्कार दिए जाएंगे। ध्वनि प्रदूषण कम करने वाली समिति पुरस्कृत होगी। ट्रैफिक व्यवस्था के लिए प्रशाशन को हेवी वाहनों का रूट डायवर्ट करने सुझाव दिया जाएगा। पूरा आयोजन शहर के बीच होता है। विजय दशमी के दिन लगभग दो घंटे पहले सभी तैयारियां पूरी करने का सुझाव आया। जिसे आगामी मीटिंग में रखे जाने सहमति बनी। रावण दहन जल्द हो ताकि चल समारोह भी जल्द शुरू हो सके। बैठक की अध्यक्षता प्रकाश मंडलोई ने की। हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष श्याम सुंदर सोनी, सचिव धर्मेंद्र बल्दुआ, राकेश मालपानी सहित वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। शकील नियाज़ी, लोकेश मालवीय, हरीश मालपानी, नवनीत बक्शी, राजेश दुबे, नवनीत परसाई, संजू शर्मा, हर्षित शर्मा सहित युवा समिति सदस्यों ने सुझाव रखे।
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