सूत्रों की आवाज/सोहागपुर, बावडी वाला मंदिर मे स्थान धारी साधु संत पुजारी मंडल की बैठक मै आवश्यक निर्णय लिये गये, 1/ संतो के भंडारों मे भेंट विदाई बन्द की जाय।2/फोर वीलर से आने वाले संतों को डीजल किराया क्यो दिया जाय,गाडी का सुख उठाने का शौक रखते है तो,खर्च उठाने की दम भी रखें।3/ मंडल के प्रत्येक पदाधिकारी को मंडल के कार्य हेतु समय देना होगा,अन्यथा पद से मुक्त हो।4/ सम्पूर्ण जिले के प्रत्येक स्थानधारी को जुडना चाहिए। 5/अध्यक्ष का कार्य काल पूर्ण हो चुका है,इसलिए उनके सारे अधिकार श्रीमहंत की गादी मे निहित होंगे।6/ मंडल मे चुनाव प्रक्रिया नही होगी,मनोनयन प्रक्रिया से परिवर्तन होगा ताकी वैमनस्यता पैदा ना हो।7/सेमरी हरचन्द के समीप बडे सिद्ध बाबा के स्थान के महंत श्री हरीदास जी महाराज का शरीर पूरा हो गया है। जिसपर मंडल ने उनके अन्तिम संस्कार की विधी पर आपत्ति उठाई और एक निन्दा प्रस्ताव पास किया।चूकि महात्मा जीवनभर बैष्णव विरक्त सम्प्रदाय से दीक्षित होकर जीवन जीता रहा,और मृत्यु के समय जातिगत समीकरण उभर कर आ गया,परिवारवाद को लेकर, साधु का जबकि अग्नि संस्कार होना था,परन्तु गांव वालों जाति वालो और परिवार वालों ने उन्हे बिनाविधि के समाधि दे दी, प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार जेसीबी से गड्डा खोदकर,सीधा लिटाकर, उसपर नमक डालकर गडा दिया गया। यह कृत्य निन्दनीय है,मंडल इसकी घोर निन्दा करता है।8/ मंडल द्वारा दो महात्माऔ उनके स्थान पर फिलहाल नियुक्त किया गया है जो उनके क्रियाकर्म और भंडारे की व्यवस्था करेगे,तथा पित्रमोक्ष अमावश्या को भंडारे के साथ उस स्थान की साधु परम्परानुसार “”महंताई का पट्टाभिषेक “”किया जायेगा मंडल ने सभी ग्राम वासियो से आग्रह किया है कि वे अपनी भूल सुधारकर सहयोगात्मक रवैया अपनाये ,और भविष्य मे कोई भी समाज, साधु के साथ साधु की परम्परानुसार ही व्यवहार करे अन्यथा दूर रहे।अज्ञान के अभाव मे परम्पराऔ को कलंकित ना करे।श्री महंत हरिकिशन दास जी महाराज,सोहागपुर नर्मदा मुनि नर्मदापुरम, चन्द्र मोहनदास बाबई, लालवावा हथवांस, सिद्ध बाबा बकांज, कपिलपुरी,दयानंद जी बावरीघाट, आदि भारी संख्या मे संत समाधि स्थल गये जहां मृतक संत को श्रद्धान्जलि दी गयी।
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